रहमत का असर



खुदा की रहमत है जो हमको ...............
सबसे मिलवाती है !
उसकी ज़रा नवाजी ही है ............
जो हमे इस काबिल बनाती है !
वर्ना हम तो खुद मै ....................
एक अदना सा फ़साना है !
वो ही सब जानता है .....................
हमे  कहाँ तलक  जाना है !
हमे तो बस करम ................
करते जाना है!
और बस उसका करम .............
खुदा के बन्दों  तक ले जाना है !
उसके करम से ये जहां ...............
सारा मालामाल जो  हो जाये !
ये जिंदगी  फिर सबकी  ..............
बेइंतिहा  हसीन हो जाये !
हर कोई  यहाँ पर ......................
अपनी ही जान हो जाये !
हर किसी के  दर्द मै  .............
बस हमको आह्ट हो जाये !
हमारी दवा से बस ...........
मरहम का असर हो जाये !
इंसानियत ही इंसा का  ...............
 धरम  हो जाये !
गेर का नाम सदा ..................
दुनिया से कट  जाये !
यु कहो की हर कोई .............
ज़नत  को भूल कर फिर ...........
इसी  दुनिया मै खो जाये !
और सबके जीवन का ...............
मकसद ही सफल हो जाये !

बादल

Green Farm and Blue Sky
उमड़ - घुमड़ कर जब
वो अपनी ही शान मै
चलने लगता है !
ज़मी वालो का दिल तो
जोरो से धडकने लगता है !
वो तो बस जीता है
ओरों की चाह के लिए !      
कितना बड़ा दिल है उसका
की अपनी  और अपने
परिवार के आस्तित्व का
जरा भी ख्याल किये बिना ..............
बस चल देता है वो तो
अपनी ही धुन मै हो मगन
किसी को कुच्छ देने की चाह मै  !
न कोई दिल मै हसरत 
न ही कोई मलाल लिए हुए ,
अपने को मिटा के
दुसरे को सुकूं देने  के लिए !
फिर उसका प्रदर्शन ..............
ओरों से बेहतेर क्यु न हो ?
और उसके लिए हमारे दिल मै
प्यारी सी जगह फिर क्यु  न हो !

अनजाना शख्श


हमने तो कभी जाना ही न था
                         खुद को  इतने करीब से !
उसकी पारखी नजरो ने  न जाने
                        केसा ये कमाल कर दिया  !
हमने तो अभी अपनी ज़मी
                       मै न पहचान बनाई थी !
उसने तो हमारी गिनती
                     तारो मै लाकर ही कर दी !
वक़्त जेसे -जेसे अपनी
                  आग़ोश मै भरता चला गया !
हमारी पहचान  मै  और वो ............
                  इजाफा करता चला गया !
कितना प्यारा था वो शख्श
                जो हमे इतना प्यार करता था !
हमे खबर भी  न हुई
                 और वो दिल मै उतरता चला गया !
कितने प्यारे बन गये थे
                ये रिश्ते बिना किसी चाहत के !
और हम एक दुसरे  को
                   सम्मान देते ही चले गये !
न जाने ये दोस्ती का सफ़र
                 कब तलक  यु ही चलेगा !
न जाने कब वो  हमे तारो से ............
            फिर  सूरज की रौशनी कहेगा ?

जिन्दगी

INSPIRED BY THIS FEELING

महकती सी जिंदगी की किताब पर |
गुनगुनाते सुरों के इस साज़ पर |
एक गीत गा रही है जिंदगी |
कुछ खास सुना रही है जिंदगी |
                     सुबह का सूरज यहाँ पर चढ़ रहा |
                     चाँद की रौशनी को मद्धम कर रहा |
                      रात अपने आप को समेट कर ,
                     सुबह के स्वागत में जैसे लग रहा |
किसी के मिलन की बेला आ रही |
किसी को विरह जैसे  बुला रही |
एक क्षण जिंदगी जैसे  हंसा रही |
एक क्षण जिंदगी जैसे  रुला रही |
                     रोज़ फूल कर रही श्रृंगार  है |
                     रोज़ धुल उसको नहला रही  |
                    रोज़ पतंगे दीप पे हैं मिट रहे |
                   एक मीत पे असंख्य मीत मिट रहे |
धर रही है उम्र कामना का शरीर |
टूट रही है किसी के सांसो की लड़ी |          
एक घर बसा रही है जिंदगी |
एक घर मिटा रही है जिंदगी |
                 खुश है अगर जिंदगी यौवन  लिए हुए |
                 रो रहा है बुडापा सांसो को समेटे हुए |
                  एक पल जैसे   सुला रही है जिंदगी |
                  एक पल जैसे  हंसा रही है जिंदगी |
जा रही बहार एक सवेरा लिए हुए |
आ रही है रात जलती शमा लिए हुए |
एक बार जो लेके जाती  है जिंदगी |
दुसरे पल देके भी तो जाती है जिंदगी |