जिंदगी सुख - दुःख की माला




हर एक बात की एक बात होती है !
जेसे हर दिन के बाद एक रात होती है !
बचपन तो हर बात से अन्जान होता है !
जवानी आते ही एहसास जवाँ होता है !
जवानी जाते - जाते  हम जो यु संभलते हैं !
हर बीती बात को याद करने लगते हैं !
एसे हम बीती यादों के संग मै चलतें हैं !
हर अच्छे ,  बुरे एहसासों से गुजरतें हैं !
जिन्दगी के इस सफर को पूरा करते हैं !
कई सपने इसमें बनते और  बिगड़ते हैं !
कई पहलु मै अच्छे तो कभी बुरे भी हम बनतें हैं !
कई रिश्तों से अन्जान भी हम रहतें हैं !
हर कोई अपने -अपने अंदाज़ से हमे परखता है !
लगता है हमसे सुन्दर जवाब की दरकार करता है !
जिन्दगी के हसीन रंगों मै कभी रंगते हैं ,
तो कभी बेरंग भी वहां से हम निकलते हैं !
जिंदगी का तो यही फलसफा है जो यारों ............
फिर हम सोच -सोच परेशान क्यु रहते हैं !
आज से जिंदगी को पक्के  धागे मै पिरोके फिर ............
सुख दुःख की प्यारी माला हम पहनते हैं !

6 टिप्‍पणियां:

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

100% jeevan sukh-dukh ki maala hai

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

BAHUT SUNDAR !
ZINDGI TERE RANG ANEK.

sandhya ने कहा…

Bahut khoob..... jindagi ke rango se avgat karati khoobsoorat rachna..

Minakshi Pant ने कहा…

शुक्रिया दोस्तों !

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

हर कोई अपने -अपने अंदाज़ से हमे परखता है !
लगता है हमसे सुन्दर जवाब की दरकार करता है !
सुंदर भावाभिव्यक्ति.....हकीकत के भाव लिए .....

Minakshi Pant ने कहा…

shukriya monika ji