नारी



धैर्य है स्फूर्ति है ,
ममता की मूर्ति है ,

शक्ति स्वरूपा है ,
प्रेम की प्रतिरूपा है ,

उर्जा की खान है ,
बच्चों की जान है ,

विज्ञान से नाता उसका ,
अंतरिक्ष भी भाता उसको ,

पति का वो मान है ,
विश्व की वो शान है ,

प्रकृति की शक्ति है ,
स्नेहमयी जननी है |

25 टिप्‍पणियां:

"अनंत" अरुन शर्मा ने कहा…

वाह उम्दा भाव बेहतरीन प्रस्तुति बधाई स्वीकारें.

रविकर ने कहा…

छुट्टी का हक़ है सखी, चौबिस घंटा काम |
सास ससुर सुत सुता पति, सेवा में हो शाम |

सेवा में हो शाम, नहीं सी. एल. नहिं इ. एल. |
जब केवल सिक लीव, जाय ना जीवन जीयल |

रविकर मइके जाय, पिए जो माँ की घुट्टी |
ढूँढे निज अस्तित्व, बिता के दस दिन छुट्टी ||

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बेहतरीन अंदाज़ में सच्ची बात कहती कविता।


सादर

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत समय बाद ऐसी रचना बन पाती है
आज आपके ब्लॉग पर बहुत दिनों बाद आना हुआ अल्प कालीन व्यस्तता के चलते मैं चाह कर भी आपकी रचनाएँ नहीं पढ़ पाया. व्यस्तता अभी बनी हुई है लेकिन मात्रा कम हो गयी है.....:-)

रविकर ने कहा…

उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

sushma 'आहुति' ने कहा…

bhaut hi sarthak rachna abhivaykti...

आशा जोगळेकर ने कहा…

सही कहा आपने । सुंदर प्रस्तुति ।

dheerendra bhadauriya ने कहा…

धैर्य है स्फूर्ति है ,
ममता की मूर्ति है ,
शक्ति स्वरूपा है ,
प्रेम की प्रतिरूपा है,,,,बहुत सुन्दर भाव अभिव्यक्ति,,,,

RECENT POST LINK...: खता,,,

Reena Maurya ने कहा…

बहुत ही सुन्दर,, उत्कृष्ट रचना...
:-)

Mamta Bajpai ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति बधाई

संगीता पुरी ने कहा…

बढिया ..

Rohitas ghorela ने कहा…

लाजवाब उम्दा प्रस्तुती...


आपके ब्लॉग पर आकर काफी अच्छा लगा।
अगर आपको अच्छा लगे तो मेरे ब्लॉग से भी जुड़ें।
धन्यवाद !! http://rohitasghorela.blogspot.com/2012/10/blog-post.html

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

निश्चय ही..

ऋता शेखर मधु ने कहा…

स्त्री के हर गुण को दर्शाती बहुत सुंदर रचना|

Sriprakash Dimri ने कहा…

अत्यंत भाव पूर्ण अभिव्यक्ति ....

सुमन कपूर 'मीत' ने कहा…

नारी शक्ति के बारे में उम्दा प्रस्तुति ...

Ramakant Singh ने कहा…

matri shakti ko saadar pranam

Minakshi Pant ने कहा…

मेरे सभी सम्मानित मित्रों का तहे दिल से शुक्रिया |

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

कल 05/11/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Anita ने कहा…

बहुत सुंदर !
~सादर !

Kuldeep Sing ने कहा…

भाव पूर्ण रचना... कभी आना... http://www.kuldeepkikavita.blogspot.com आप का स्वागत है।

Nihar Ranjan ने कहा…

नारी की एक सम्पूर्ण परिभाषा. सुन्दर रचना.
सादर
निहार

Minakshi Pant ने कहा…

आप सभी का बहुत - बहुत शुक्रिया दोस्तों |

अल्पना वर्मा ने कहा…

कम शब्दों में भी पूरी बात कहती है कविता.


दीपोत्सव पर्व पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ!

Ashok Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव अभिव्यक्ति,,, सुंदर प्रस्तुति ।