अधूरी चाहत

बहुत बार चाहा उनकी महफ़िल में जाएँ |
कुछ उनकी सुनें और कुछ अपनी सुनाएँ |
 उनकी तरफ से कोई संदेशा  न आया |
हम हुए रुसवा उनको  हँसता ही पाया |
महफिलें सजी सबने जश्न भी मनाया |
कुछ पल के लिए एक दुसरे को बहलाया |
महफ़िल ही तो थी कितनी देर और सजती |
कुछ पल में चारों तरफ मातम सा छाया |
कौन देगा साथ अब जब उनकों ये ख्याल आया |
तब डाली निगाहें  हमपर , हमें पास बुलाया |
साथ  देते रहने का झूठा बहाना   बनाया |
कसमे - वादे देके हमें फिर खूब  रिझाया |
अब तक हम तन्हाइयों से दोस्ती कर चुके थे |
अब उनका साथ हमें बिलकुल न भाया |
दे  चुके थे वादा , उनके  साथ चलने का  |
इसलिए आज फिर से वो वादा निभाया |

17 टिप्‍पणियां:

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

bahut badiya

: केवल राम : ने कहा…

अब तक हम तन्हाइयों से दोस्ती कर चुके थे |
अब उनका साथ हमें बिलकुल न भाया |
दे चुके थे वादा , उनके साथ चलने का |
इसलिए आज फिर से वो वादा निभाया |


वादे पर कायम रहना किसी- किसी के वश में होता है ....और आपने तो वादे को निभाया ....अच्छा लगा उनके साथ न रहते हुए भी वादे को निभाना ....शुक्रिया

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

दे चुके थे वादा , उनके साथ चलने का |
इसलिए आज फिर से वो वादा निभाया |

क्या बात है ...वादा ही तो कमवख्त याद रहता है ?

knkayastha ने कहा…

महफ़िल ही तो थी कितनी देर और सजती |
कुछ पल में चारों तरफ मातम सा छाया

अच्छी बातें... रोचक प्रस्तुतीकरण...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

संवाद को विवाद से परे रखना होगा।

Anand Dwivedi ने कहा…

कौन देगा साथ अब जब उनकों ये ख्याल आया |
तब डाली निगाहें हमपर , हमें पास बुलाया |
साथ देते रहने का झूठा बहाना बनाया |
कसमे - वादे देके हमें फिर खूब रिझाया |
अब तक हम तन्हाइयों से दोस्ती कर चुके थे |
अब उनका साथ हमें बिलकुल न भाया |

का बरषा जब कृषि सुखाने
बहुत सुन्दर मनोभावों से सजी कविता !
बधाई हो मिनाक्षी जी.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बेहतरीन.


सादर

K.R.Baraskar ने कहा…

अब उनका साथ हमें बिलकुल ????

संध्या शर्मा ने कहा…

साथ देते रहने का झूठा बहाना बनाया |
कसमे - वादे देके हमें फिर खूब रिझाया |

फिर भी उनसे वादा निभाया........?
बहुत खूबसूरत है ये वादा........

दिगम्बर नासवा ने कहा…

वादा इस तरह से निभाना आसान नहीं होता ... दिल पर पत्थर रखना पढता है ... लाजवाब लिखा है ..

sushma 'आहुति' ने कहा…

behtreen rachna...

Roshi ने कहा…

bahut gehre bhav.....

Dr Varsha Singh ने कहा…

लाजवाब....

कविता रावत ने कहा…

महफिलें सजी सबने जश्न भी मनाया
कुछ पल के लिए एक दुसरे को बहलाया
...bahut badiya!

ऋचा.... ने कहा…

आपकी ये पोस्ट मुझे अच्छी लगी ...

anu ने कहा…

पढ़ कर ऐसा लगा की दिल के रिसते घावो को
शब्दों का जामा पहना दिया आपने ....बहुत खूब

Udan Tashtari ने कहा…

दे चुके थे वादा , उनके साथ चलने का |
इसलिए आज फिर से वो वादा निभाया |


-बहुत खूब...आनन्द आया.