प्यारा सा रिश्ता




                          ये  प्यारा सा जो रिश्ता है !
                          कुच्छ तेरा है कुच्छ मेरा है !!
कही लिखा नहीं कही पढ़ा नहीं !
कही देखा नहीं कही सुना नहीं !
फिर भी जाना पहचाना है !
कुच्छ मासूम कुच्छ अलबेला  !
कुच्छ अपना सा कुच्छ बेगाना !
                       ये मासूम सा जो रिश्ता है !
                       कुच्छ तेरा है कुच्छ मेरा है !!
कुच्छ चंचल सा कुच्छ शर्मीला !
कुच्छ सुख सा तो कुच्छ संजीदा !
कुच्छ उलझा सा कुच्छ सुलझा सा !
मस्ती से भरा कुच्छ खफा - खफा
                        ये प्यारा सा जो रिश्ता है !
                       कुच्छ तेरा है कुच्छ मेरा है !!
कड़ी धूप मै ये साया सा !
अँधेरी रात मै जुगनू सा !
कभी रस्ता है कभी मंजिल है !
कभी धागे से भी ये बंधा नहीं !
                         कभी तेरा है कभी मेरा है !
                        ये जो प्यारा रिश्ता तेरा मेरा है !!
 ये तो सच्चे मोती के जेसा सा !
दिल की सीपी मै केद किया !
सबकी नज़रों  से ढांप लिया !
कभी मन दिया कभी एतबार किया !
सब कुच्छ  इस पर ही वार दिया !
                            कुच्छ मेरा है कुच्छ तेरा है !
                              ये प्यारा सा जो रिश्ता है !!

4 टिप्‍पणियां:

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

"Ye Rishta Kya Kahlaata Hai"

Akanksha~आकांक्षा ने कहा…

रिश्ते भी अजब-गजब होते हैं...

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

ये प्यारा सा जो रिश्ता है !
कुच्छ तेरा है कुच्छ मेरा है !!
कही लिखा नहीं कही पड़ा नहीं !
कही देखा नहीं कही सुना नहीं !
फिर भी जाना पहचाना है !
कुच्छ मासूम कुच्छ अलबेला !
कुच्छ अपना सा कुच्छ बेगाना !


pyare se bhaw se sajaya hua pyari rachna...:)

rishte ke andar panpe bhaw ko darshata hua...:)

lekin ek baat kahni thi...kuchh jayda hi spelling mistakes ho gaye hai dost........unko sudhar lo
jaise कुच्छ., पड़ा, जेसा सा, ! I hope bura nahi manengi...

babanpandey ने कहा…

riste uljhe hue hote hai ../