कैसा है ये सफर

 
बेखबर ... हर बात से बेखबर 
अपने घर , अपने माँ - बाबा के घर 
हर चीज़ पर अपना अधिकार 
सिर्फ उसका अपना संसार 
सबको हक से जवाब देती हुई 
क्या वो जानती है ,
एसा कब तक ?
ये सारी खुशियाँ आंखिर कब तक ?
उसे तो उसकी आदत पढ़ चुकी है 
जिसे छोड़ कर उसे एक दिन जाना है |
उसे फिर से अपनी पहचान को बनाना है |
उस जहान में जहां उसका कोई नहीं 
एक बार फिर से नया जन्म ...
कितनी बार टूटती और 
कितनी बार जुड़ती होगी ये कहाँ
कोई जान पाता है |
ये तो उसका अपना एक संघर्ष है 
खुद को स्थापित करने की लड़ाई |
फिर से एक रचना लिखने की 
एक खुबसूरत कोशिश |
दिलों को जीतने का  प्रयास 
कोई कामयाब और कोई ...
पर  प्रयास निरंतर जारी |
जब तक हिम्मत तब तक जीत |
हर मोड़ पर सवाल करती जिंदगी |
बहुत लम्बी यात्रा ,
कई सारे पड़ाव ,
जवाब थक कर चूर ,
पर सवाल ... 
अब भी जवाब के इंतजार में 
आंखिर में सिर्फ एक शून्य 
और कुछ भी तो नहीं ,
पर प्रयास निरंतर जारी 
सिर्फ जीने के लिए |

15 टिप्‍पणियां:

संजय भास्कर ने कहा…

आदरणीय मीनाक्षी पन्त जी
नमस्कार
ह्र्दय की गहराई से निकली अनुभूति रूपी सशक्त रचना

एम सिंह ने कहा…

बहुत शानदार भावों को एक कविता में पिरोया है आपने. मेरी तरफ से बधाई स्वीकार करें.

दुनाली पर स्वागत है-
‌‌‌ना चाहकर भी

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

यात्रा लम्बी है,
अनिश्चितता,
फिर भी बढ़ते जाना है।

ali ने कहा…

हर वक़्त के लिए हम ज़बाबदेह हैं इसलिए आगे से पहले वर्तमान को निभाया जाए !

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

आदरणीय मीनाक्षी पन्त जी नमस्कार ,
यात्रा लम्बी है,अनिश्चितता, फिर भी बढ़ते जाना है।

बधाई स्वीकार करें

sushma 'आहुति' ने कहा…

पर प्रयास निरंतर जारी
सिर्फ जीने के लिए |bhut hi gajraayi kahti hui apki rachna... very nice

Patali-The-Village ने कहा…

ह्र्दय की गहराई से निकली अनुभूति रूपी सशक्त रचना| धन्यवाद|

OM KASHYAP ने कहा…

सुन्दर अभिव्यक्ति

OM KASHYAP ने कहा…

बहुत ही खुबसुरत प्रेममयी रचना.......

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

माता - पिता का मोह हर चीज से जुदा होता है --जहा बचपन गुजारा वहाँ का हर हर्फ सुहाना है ..

रश्मि प्रभा... ने कहा…

ये तो उसका अपना एक संघर्ष है
खुद को स्थापित करने की लड़ाई |
फिर से एक रचना लिखने की
एक खुबसूरत कोशिश |
दिलों को जीतने का प्रयास... bahut hi marmsparshi rachna

Rakesh Kumar ने कहा…

मन को सहज ही मोहती हुई ,पीड़ा का अहसास कराती सुन्दर प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत आभार.

मेरे ब्लॉग पर आइयेगा,नई पोस्ट जारी की है.

Dr Varsha Singh ने कहा…

EXCELLENT...

Babli ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ आपने लाजवाब रचना लिखा है जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

अविनाश मिश्र ने कहा…

ये तो उसका अपना एक संघर्ष है
खुद को स्थापित करने की लड़ाई |
बहुत ही सुन्दर ! हमेशा की तरह

बधाई
avinash001.blogspot.com