कौन है वो




गरजती है बरसती है  सीने से लगती है |
मेरी बैचेन सांसों को वो ऐसे सजाती   है |

मैं  पास जाता हूँ तो वो दामन  बचाती  है |
मुझे दिन रात वो हर पल  ऐसे सताती है |

मेरे न होने पर वो कुछ  खामोश होती है |
मेरे आने पर वो इसका जश्न मनाती है |

कभी बहुत रुलाती है कभी मान जाती है |
मेरे सोये अरमान को फिर से जगाती है |

बड़ा  दिलकश उसका ये अंदाज़ लगता है |
जो दिन - रात हर हाल में साथ रहता  है |

उसकी  हंसी वो  उसका बालपन प्यारा |
मेरे तो रोम - २  को पुलकित करता  है |

वो जब भी मुसकुराती है तो फूल छरते हैं |
ठंडी हवाओं के छोकें उसका पैगाम लाते हैं |

मैं फिर संभालता   हूँ फिर आगे को बढता हूँ |
वो तो संग साया बनके मेरे साथ चलती है |

मैं जब लडखडाता हूँ वो आके थाम लेती  है |
अपने होने का मीठा  एहसास छोड जाता है |

25 टिप्‍पणियां:

ZEAL ने कहा…

मैं जब लडखडाता हूँ वो आके थाम लेती है |
अपने होने का मीठा एहसास छोड जाती है ...

Beautiful presentation .

.

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया दोस्त :)

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

खूबसूरत अभिव्यक्ति

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत - बहुत शुक्रिया दी :)

वन्दना ने कहा…

वाह …………कोमल भावो की सुन्दर अभिव्यक्ति।

कुश्वंश ने कहा…

मैं जब लडखडाता हूँ वो आके थाम लेती है |
अपने होने का मीठा एहसास छोड जाती है ..

खूबसूरत अभिव्यक्ति

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत - बहुत शुक्रिया वंदना जी :)

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत - बहुत शुक्रिया कुश्वंश जी :)

sushma 'आहुति' ने कहा…

मैं फिर संभालता हूँ फिर आगे को बढता हूँ |
वो तो संग साया बनके मेरे साथ चलती है |बहुत ही सुन्दर....

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत - बहुत शुक्रिया sushma 'आहुति'जी :)

mahendra srivastava ने कहा…

बहुत सुंदर रचना

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत - बहुत शुक्रिया mahendra srivastava जी :)

Roshi ने कहा…

pyar ke sunder ehsas ki sunder abhivyakti......

Minakshi Pant ने कहा…

shukriya roshi ji :)

virendra ने कहा…

सुन्दर , सशक्त , खूबसूरत प्रस्तुति .

virendra ने कहा…

सुन्दर , सशक्त , खूबसूरत प्रस्तुति .

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सम्बन्ध का अद्भुत स्वरूप।

kumar ने कहा…

मैं जब पास जाता हूँ तो वो दामन छुडाती है |
मुझे दिन रात वो हर पल कुछ ऐसे सताती है |

kya kahen ab in adaaon par.....

ana ने कहा…

chashni me doobi aapki kavita bahut badhiya hai

prerna argal ने कहा…

आपकी पोस्ट ब्लोगर्स मीट वीकली (६) के मंच पर प्रस्तुत की गई है /आप आयें और अपने विचारों से हमें अवगत कराएँ /आप हिंदी के सेवा इसी तरह करते रहें ,यही कामना हैं /आज सोमबार को आपब्लोगर्स मीट वीकली
के मंच पर आप सादर आमंत्रित हैं /आभार /

सागर ने कहा…

bhaut hi sundar bhaavo se saji rachna....

NAVEEN C DUBEY ने कहा…

आदरनिया जी आपका शब्दों का चयन ला जवाब हें

आपके शब्दों का चयन उसको बंधने क अभिव्यक्ति और अंदाज वाकई तारीफे काबिल हें
मजा आगये आप्जेसे पवित्र विचारो वाली लेडी से मिल कर
भगवान आपको, आपकी लेखनी, और काबिलियत को हमेशा बरक़रार रखे
हमेशा आपकी तरक्की सही मूल्यों के साथ होती रहे
सदेव आपकी सद्भावनाओ के साथ समर्पित
नवीन सी दुबे

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

कल 31/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Amrita Tanmay ने कहा…

बहुत ही अच्‍छा लिखा है आपने

Dr.Nidhi Tandon ने कहा…

badhiya....man ke komal bhaavon ko utaar diyaa hai kaagaz pe