मौसम का सुहाना साथ




मौसम न जाने क्या , साजिश है कर रहा  |
हर तरफ घनी रात का , दामन पसर रहा |

चाँद की चांदनी भी ,  मध्यम है पड़ रही  |
मानो कोहरे की , अब बारात निकल रही |

आसमान में बादल ऐसे , बन - बिगड रहें |
हमसे कोई बात कहने को हों वो तरस रहे |

महसूस होने लगी वही , सिरहन की रात है |
बारिशों के पाँव बंधी घुंघरुओं की आवाज है |

पेड - पौधे बदलने लगे अब  नई पोशाक है |
पहाड़ों को मिली श्वेत चादर की सौगात है |

अजब  मौसम अब मेरे देश का है हो रहा |
मैं कर रही हूँ सफर वो मेरे साथ चल रहा |

21 टिप्‍पणियां:

vidya ने कहा…

सर्द मौसम का बहुत प्यारा चित्रण...
बहुत खूब मिनाक्षी जी.

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

बहुत ही सुन्दर लिखा है आपने

Amrita Tanmay ने कहा…

अच्छी लगी रचना .

Rajput ने कहा…

आसमान में बादल ऐसे , बन - बिगड रहें |
हमसे कोई बात कहने को हों वो तरस रहे..
प्रकृति का सुन्दर वर्णन , सुंदर भाव

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

अच्छी रचना है,
बहुत सुंदर

anju(anu) choudhary ने कहा…

sardi ke mousam kii sunder peshkash

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

मौसम बदल रहा है, जा रहा है अपनी पुरानी स्मृतियों में।

कुश्वंश ने कहा…

आसमान में बादल ऐसे , बन - बिगड रहें |
हमसे कोई बात कहने को हों वो तरस रहे..

सुंदर भाव

sushma 'आहुति' ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति...

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

बहुत खूब

मेरे भाव ने कहा…

अच्छी लगी रचना .

मेरे भाव ने कहा…

अच्छी लगी रचना .

मदन शर्मा ने कहा…

अच्छी लगी रचना.......

सुरेन्द्र "मुल्हिद" ने कहा…

क्या खूबसूरत ख्वाब लिखा है!

दिलबाग विर्क ने कहा…

आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
चर्चा मंच-729:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

Maheshwari kaneri ने कहा…

सर्द मौसम का बहुत प्यारा चित्रण...सुन्दर प्रस्तुति

Kewal Joshi ने कहा…

सुन्दर छटा मौसम की ... आभार.

कविता रावत ने कहा…

पेड - पौधे बदलने लगे अब नई पोशाक है |
पहाड़ों को मिली श्वेत चादर की सौगात है |
..barafani dinon ki yaad taaji ho chali..
sundar prakritik nazara..

mahendra verma ने कहा…

बर्फ की चादर वाले मौसम का खूबसूरत वर्णन।

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत खूब, लाजबाब !

Reena Maurya ने कहा…

खुबसूरत चित्र के साथ सर्द मौसम का बहुत खुबसूरत वर्णन है