पुरस्कार कैसे दिए जाते हैं



कोई पुरस्कृत कैसे होता है ?
जैसे कोई जिंदगी भर बिना इनाम के
इनाम वाला बनता है |
वैसे कुछ लोग बिना नाम के भी ,
इनाम बटोरते रहते हैं |
तो कुछ नाम ऐसे भी हैं ,
जो इनाम की शक्ल ही , बदल देते हैं |
वे लेते हैं... तो खबर बनती है |
ठुकराते हैं.. तो खबर बनती है |
क्युकी ...  जो धूर्त होते हैं
वो ... बहुत मीठे होते हैं |
और मीठे फलो मै कीड़े भी जल्दी होते हैं |
तो बस उनकी मुस्कराहट को ही
तय करने दो .......?.
की  मुस्कान उनकी कितनी निर्दोष है |
और फिर वो  मिले , तो जानो
की उनकी आँखों में , चमक कितनी है  ?
आखिर में बस इतना कि मीठा  न मिले तो...
नमकीन से काम चलेगा ?
आजकल तो जेबकतरों और
उठाई -गीरों को भी इनाम
दे दिए जाते हैं |
तो अब हम कैसे ये तय करे की ...
पुरस्कार कैसे दिए जाते हैं ?      
                                   

6 टिप्‍पणियां:

Dheerendra singh Bhadauriya ने कहा…

पुरस्कार देने के लिये माप दंड होने चाहिए,,,,,

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प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

कम पुरस्कार, कठिन मानक..

Devendra Dutta Mishra ने कहा…

क्या कर सकते है, पुरस्कार सदैव वंचकों व लालची लोगों को ही मिलता रहा है, पर करके आत्मसंतुष्टि व ईश्वरसानिध्य की अनुभूति हो, उससे बड़ा पुरस्कार क्या हो सकता है।

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

पता तो चल ही जाता है कि पुरस्कार क्यों दिया जा रहा है, बस अंतर ये होता है कि
पात्रों को पुरस्कार दिए जाने पर पुरस्कार का सम्मान बढ़ता है और कुपात्रों को दिया जाता है तो पुरस्कार की मान कम हो जाता है।
व्यक्ति पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता.. मेरा तो यही मानना है..
पर मिलता कैसे है, किसे है, क्यों है हाहाहहाहा सब जानते हैं...

Ramakant Singh ने कहा…

सचमुच कठिन है पता लगा पाना

संजीव चौहान ने कहा…

जो धूर्त होते हैं
वो ... बहुत मीठे होते हैं |....बहुत सुंदर...संजीव चौहान