gandhiji

 बापू जी ओ बापू जी ,  दुनिया के प्यारे बापू जी |
बैर - भाव की भाषा को , न थे अपनाते बापू जी |

सादा जीवन उच्च विचार , हाँ ऐसे थे निराले बापू जी |
प्रेमभाव से मिलकर रहना , ये सिखला गए बापू जी |

चश्मा , लाठी , धोती , कुर्ता , ये परिचय वाले बापू जी |
दुबली - पतली काया पर , द्रीड निश्चय वाले  बापू जी |

बुरा न कहो , बुरा न सुनो  , बुरा न देखो ...
सीधे - सरल अंदाज़ में , सुंदर पाठ पढ़ा गए बापू जी |

देश की आज़ादी में अपना नाम लिखा गए बापू जी |
इन पवित्र चरणों में , हम हरदम शीश नवाए बापूजी |                        


1 टिप्पणी:

Arvind Mishra ने कहा…

beautiful poem!Thanks!