
क्यु ज़माने की बात करते हो
दिल दुखाने की बात करते हो
हमने एसी क्या खता की है
जो हरदम सताने की बात करते हो
क्या तुमको हमसे प्यार नहीं ?
या मेरे प्यार का एहसास नहीं
जानते तो हो तुम सब कुच्छ
फिर क्यु दिल जलाने की बात करते हो !
तेरा साथ तो हम भी न छोड़ेंगे
तेरे बिन हम केसे रह लेंगे
फिर ये बात कह - कह कर
क्यु पीछा छुड़ाने की बात करते हो ?
क्या तुमको हमपे यकीं नहीं ?
मेरे प्यार की खबर नहीं
जब भी हमसे कुछ कहते हो
इलज़ाम लगाने की बात करते हो
कब तक ये सब सहना होगा ?
अपनी व्यथा को यु कहना होगा
या हंस - हंस के फिर अब हमको
सब बातो को सहना होगा !
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