घरोंदा

ये सन्देश प्यारे - दुलारे बेटो के नाम ............................
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दोनों मिलकर पहले
                       प्यारा संसार सजातें  हैं |
फिर सपने बुनते जाते हैं
                       प्यारा घरोंदा बनातें  हैं |
नन्हे -नन्हे बच्चों के संग
                    अपनी बगिया महकाते हैं |
 उनका लालन - पालन करते हैं
                  फिर उनके ख्वाब  सजाते हैं |
बेटे को प्यारा घर  देते हैं
                        बेटी को प्यारा वर देते हैं |
सारा जीवन बच्चों को दे
                       वो कभी गिला न करते हैं |
बच्चों  को अपना सब कुछ वार
                 सिर्फ प्यार की आस लगाते हैं |
अब उनकी बारी आई है
                     थोड़ी जिम्मेदारियां आई है |
क्या उनके बलिदान को वो भूलेंगे ?
                     उस प्यार - दुलार को भूलेंगे ?
नहीं वो हरगिज़ एसा  न कर पाएंगे
                            अपना कर्तव्य निभाएंगे |
उनको आदर देते रहकर
                             उनका सम्मान बढ़ाएंगे  |
फिर अपनी प्यारी सी बगिया में
                वो सुंदर - सुंदर  से फूल खिलाएंगे  |

5 टिप्‍पणियां:

vats gunprakash ने कहा…

acha likha hai aap ne

Lokesh Pahuja ने कहा…

aap kafi aacha leekhti hoooo

hope aap esa hi leekthi rahe

Minakshi Pant ने कहा…

धन्यवाद दोस्तों !
जानते हो आप सबके प्यार की वजह से ही मै ये सब लिख सकती हु !
अगर आप लोग अपने विचार नहीं देंगे तो मुझे ताक़त कहाँ मिल पायेगी !

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

kash bachche hamare sach me hamare baagiya me waise khusboo bikher payen, jo ham chahte hain...:)

ek utkrisht rachna.........
ab follow kar raha hoon, barabar aaunga!!

Minakshi Pant ने कहा…

शुक्रिया दोस्त !