प्यारे बच्चे

कितने प्यारे कितने न्यारे
                        दिल के सच्चे  होते बच्चे !
प्यारी - प्यारी बातें करके
                         सबके दिल को हरते बच्चे !
नन्हें  - नन्हें अपने पैरों से
                          हर आँगन मै चलते बच्चे !
हर माँ - बाप के तो ...
                          दिल की धड़कन होते बच्चे !
दादा - दादी की छत्र - छाया मै
                            पल कर बड़े होते हैं बच्चे !
अरे ...नाना - नानी के भी तो
                             लाडले ..........होते हैं बच्चे !
उन सबके बुड़ापे के ही तो
                              खेल  - खिलोने होते बच्चे !
सारी अच्छी - अच्छी  बातें भी
                                  उन से ही सीखते बच्चे !
अब मै आगे क्या - क्या बोलूं
                      क्या उनसे जुदा हो सकतें हैं बच्चे ?  
                              

11 टिप्‍पणियां:

Rahul Singh ने कहा…

बच्‍चों का जिक्र मानों खुद मीठी कविता.

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

bachche man ke sachche
saare jag ki aankon ke taare

यशवन्त माथुर ने कहा…

बहुत ही बढ़िया.

सादर

K.R.Baraskar ने कहा…

माँ-बाबू के सपनो के तारे बच्चे ..
कितने प्यारे बच्चे ..
... हैप्पी बर्थडे आपके प्यारे बच्चे को...
... गिफ्ट में ढेर सारा प्यार प्यारे सच्चे को..

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

कितने प्यारे
कितने न्यारे
दिल के सच्चे होते बच्चे ! ....
बच्‍चों पर केन्द्रित सुन्दर कविता के लिए हार्दिक बधाई।

Minakshi Pant ने कहा…

आप सबका बहुत - बहुत शुक्रिया !

Minakshi Pant ने कहा…

thanx

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

प्यारे, प्यारे न्यारे बच्चे।

: केवल राम : ने कहा…

वाह... अब बच्चे ही सब कुछ ...आपका आभार मीनाक्षी जी ..इस सार्थक और मर्मस्पर्शी कविता के लिए

संजय भास्कर ने कहा…

मर्मस्पर्शी कविता

संजय भास्कर ने कहा…

कुछ दिनों से बाहर होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका
माफ़ी चाहता हूँ