मेरा भारत महान


मानव का मानव के भीतर जब न हो सम्मान ,
फिर कैसे फूटेगा  मुख से कोई सुन्दर गान |

चारों तरफ जग में फैला हो जब घोर अंधकार ,
तो करो विनय सूरज से करवा दे सुबह का भान |

खिंच दिलों में मानव के , कड़ी कर दो ऐसी  दीवार ,
करो  कुछ ऐसा  कि करें सब एक दूजे को स्वीकार |

तुम ही देश के रखवाले , तुम ही हो पहरेदार ,
तुम हो देश के रक्षक , तुम से ही तो है सरकार |

करो कुछ ऐसा  कि पलने लगे सबके दिल में प्रीत ,
सबकी  वाणी  गाने  लगे जन - गन - मन का गीत |

देखो बदनाम न करना  दोस्ती कि ये  रीत ,
कोई तुमसे ये न कहे  कैसे हो तुम मेरे मन मीत |

जागो भारत जागो ये अपने देश कि  है प्यारी पुकार ,
हो जाओ मिलकर एक जो है तुमको भी इससे प्यार |

न रहे कोई दुश्मन भर दो सबके दिल  में संगीत ,
सब  इसमें में ही खो जाये न रहे राग - द्वेश का गीत

13 टिप्‍पणियां:

वन्दना ने कहा…

मानव का मानव के भीतर जब न हो कोई सम्मान ,
फिर कैसे फूटेगा किसी के मुख से कोई सुन्दर गान |खिंच दिलों में मानव के , कड़ी कर दो ऐसी दीवार ,
करो कुछ ऐसा कि करें सब एक दूजे को स्वीकार |करो कुछ ऐसा कि पलने लगे सबके घर - घर में प्रीत ,
सबकी वाणी फिर गाने लगे जन - गन - मन का गीत |

बहुत सुन्दर आह्वान्।

Minakshi Pant ने कहा…

शुक्रिया वंदना जी :)

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

बहुत सुन्दर आह्वान्।

mahendra srivastava ने कहा…

करो कुछ ऐसा कि पलने लगे सबके घर - घर में प्रीत ,
सबकी वाणी फिर गाने लगे जन - गन - मन का गीत |


बढिया रचना।
बधाई

Minakshi Pant ने कहा…

शुक्रिया संजय जी और महेंदर जी आपका भी बहुत बहुत शुक्रिया दोस्त :)

संजय भास्कर ने कहा…

जागो भारत जागो ये अपने देश कि ही तो है प्यारी पुकार ,
.........आज एसी रचनाओं की बहुत ही आवश्यकता है

संजय भास्कर ने कहा…

जागरूक करती हुई सुन्दर रचना |

वीना ने कहा…

करो कुछ ऐसा कि पलने लगे सबके घर - घर में प्रीत ,
सबकी वाणी फिर गाने लगे जन - गन - मन का गीत |

बहुत बढ़िया...

मदन शर्मा ने कहा…

जागो भारत जागो ये अपने देश कि ही तो है प्यारी पुकार ,
हो जाओ तुम सब मिलकर एक जो है तुमको भी इससे प्यार
सुन्दर कविता......बहुत सुन्दर आह्वान्...

मदन शर्मा ने कहा…

जागो भारत जागो ये अपने देश कि ही तो है प्यारी पुकार ,
हो जाओ तुम सब मिलकर एक जो है तुमको भी इससे प्यार
सुन्दर कविता......बहुत सुन्दर आह्वान्...

मदन शर्मा ने कहा…

जागो भारत जागो ये अपने देश कि ही तो है प्यारी पुकार ,
हो जाओ तुम सब मिलकर एक जो है तुमको भी इससे प्यार
सुन्दर कविता......बहुत सुन्दर आह्वान्...

Dr Varsha Singh ने कहा…

बेहद उत्कृष्ट रचना है यह. आपको मेरी हार्दिक शुभकामनायें.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

यह कर्तव्य निभाना होगा।