सिर्फ सकारत्मक सोच



कुछ लोग कहते हैं
कि हम जिद्दी हैं |
अगर ये जिद्द ... किसी को
उसका अधिकार दिलाने कि है ?
तो हाँ मैं मानती हूँ कि मैं  जिद्दी हूँ |

कुछ लोग कहते हैं
कि मुझमें बहुत अभिमान है ,
अगर ये अभिमान अपने
देश के प्रति है ?
तो हाँ मैं कहती हूँ कि मैं अभिमानी हूँ |

कुछ लोग कहते हैं
कि हममें लालच बहुत है ?
अगर ये लालच बेसहारा को
सहारा देने का है |
तो हाँ मैं कहती हूँ कि मैं लालची भी हूँ |

कुछ लोग ऐसा भी कहते हैं
कि तुम क्रोधी स्वभाव कि हो ?
अगर थोडा सा क्रोध
आपको सम्मान दिलाता भी है |
तो हाँ मैं भी मानती हूँ कि मैं क्रोधी  भी हूँ |

कोई भी बात  गलत कैसे हो सकती है
जब उसको सही दिशा दे दिया जाये |
सकारात्मक सोच |
इंसान के हर पहलु को उभारता  है |
जिसमे अपना स्वार्थ कम और
दूसरे कि खुशी  ज्यादा हो |
निस्वार्थ भाव में ही सबकी खुशी |

31 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

सच है , ऐसा जिद्दी होना , लालची होना और क्रोधी होना अच्छा है

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत - बहुत शुक्रिया दीदी आपका स्वागत है मैं आपकी शुक्रगुजार हूँ कि आप मेरी हर पोस्ट में हाजरी देती हैं |

वन्दना ने कहा…

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
अवगत कराइयेगा ।

http://tetalaa.blogspot.com/

Kulwant Happy ने कहा…

सकारात्‍मक सोच ही बदल सकती है मेरे हिन्‍दुस्‍तान को, आपकी सोच को सलाम

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत ही बढि़या ..।

सागर ने कहा…

bilkul sahi kaha aapne... sakaratmak soch hi badal sakti samaj ko...

anu ने कहा…

ऐसी सकारत्मक सोच के लिए आपको सलाम मीनाक्षी जी

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

जिद्द से नए रास्ते बनते हैं.. सुन्दर कविता..

sushma 'आहुति' ने कहा…

एक सकारात्मक सोच जिन्दगी को बदलने में बहुत सहायक है...

mahendra srivastava ने कहा…

बहुत अच्छी सोच के साथ ही संदेश देती हुई रचना।

कुछ लोग कहते हैं
कि मुझमें बहुत अभिमान है ,
अगर ये अभिमान अपने
देश के प्रति है ?
तो हाँ मैं कहती हूँ कि मैं अभिमानी हूँ |

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

हर चीज में कुछ न कुछ अच्छा होता ही है।

sapne-shashi.blogspot.com ने कहा…

very nicely said

: केवल राम : ने कहा…

अगर ऐसा है तो यह सब कुछ होना सही नहीं , बल्कि बहुत सही है ....!

virendra ने कहा…

bahut sundar rachna, aabhar.

मदन शर्मा ने कहा…

वाह ...बहुत ही बढि़या ..!!!!!!
बहुत ही तथ्यात्मक बात कही है आपने | इसके लिए आपका बहुत धन्यवाद |

मदन शर्मा ने कहा…

मेरा आपसे निवेदन है कि 16 अगस्त से आप एक हफ्ता देश के नाम करें, अन्ना के आमरण अनशन के शुरू होने के साथ ही आप भी अनशन करें, सड़कों पर उतरें। अपने घर के सामने बैठ जाइए या फिर किसी चौराहे या पार्क में तिरंगा लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे लगाइए। इस बार चूके तो फिर पता नहीं कि यह मौका दोबारा कब आए।

Dr Varsha Singh ने कहा…

आपने बहुत सुन्दर शब्दों में अपनी बात कही है। शुभकामनायें।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

कुछ लोग कहते हैं
कि हममें लालच बहुत है ?
अगर ये लालच बेसहारा को
सहारा देने का है |
तो हाँ मैं कहती हूँ कि मैं लालची भी हूँ |


अत्यंत सशक्त और ओजस्वी विचार, आज इसी जज्बे और हिम्मत की जरूरत है इस समाज में. बहुत शुभकामनाएं.

रामराम.

मनोज कुमार ने कहा…

सकारात्मक सोच ...

कुछ लोग कहते हैं
कि हममें लालच बहुत है ?
अगर ये लालच बेसहारा को
सहारा देने का है |
तो हाँ मैं कहती हूँ कि मैं लालची भी हूँ |

इसी लिए हम कहते हैं, हर चीज़ में एक गुड होता है जी।

vidhya ने कहा…

वाह ...बहुत ही बढि़या ..।

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" ने कहा…

uddeshya pavitra hona chahiye..phir kuch bura nahi hai..badhayee aaur apne blog pe amantran ke sath

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

बहुत ही कायदे की बात कही आपने। बधाई।

------
ऑटिज्‍म और वातावरण!
ब्‍लॉग के लिए ज़रूरी चीजें!

संध्या शर्मा ने कहा…

बहुत अच्छी सोच...संदेश देती हुई रचना...

Jyoti Mishra ने कहा…

very effective and strong expressions !!
Loved it

Dilbag Virk ने कहा…

आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
चर्चा मंच

निवेदिता ने कहा…

बहुत ही बढि़या ......

prerna argal ने कहा…

bahut achchi soch liye sandesh deti hui bemisaal rachanaa badhaai aapko.

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

ham sab aisi jidd ka anukaran kar le to kya galat hai...fir me b kahungi me galat hu to han me galat hi sahi.

bahut prabhavi rachna.

Udan Tashtari ने कहा…

जायज वजहों से ऐसा होने में अच्छाई ही है...बेहतरीन!!

S.M.HABIB ने कहा…

ऐसी जिद सबमें होनी चाहिए...
सादर...